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सोते समय पैरो में दरà¥à¤¦, बेचैनी या आता है पसीना, तो समठलें शरीर में पनप रहीं ये बीमारियां
सोते समय अगर आठदिन आपके खलल पड़ रहा है तो आप किसी न किसी बीमारी के शिकार जरूर हैं। यदि सोते समय पैरों में दरà¥à¤¦, पसीना आना या बेचैनी महसूस होती है तो आपको इसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये शरीर में पनप रही बीमारियों का संकेत होता है।
कई बार हमें नींद तो आसानी से आ जाती है, लेकिन बीच नींद में अचानक से नींद खà¥à¤² जाती है। इसकी वजह कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ अगर बार-बार होता है तो ये सही संकेत नहीं। नींद में बार-बार जागना कई बीमारियों के होने का संकेत होता है। तो चलिठजाने की नींद में खलल पड़ने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण होते हैं और इस कारण के पीछे कà¥à¤¯à¤¾ वजह हो सकती है।
नींद टूटने की वजह और बीमारियों का संकेत खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡- à¤à¤²à¥‡ ही आप ये सोचे कि खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ à¤à¤°à¤•र सोने वाला इंसान चैन की नींद लेता है, लेकिन ये बिलकà¥à¤² उलटा है। असल में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ नींद दूसरे के खलल का ही कारण नहीं होते, बलà¥à¤•ि खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने वाले के लिठà¤à¥€ ये उतने ही खलल पैदा करते हैं। खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ की वजह से नींद पूरी नहीं होती,कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई बार सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है। वहीं सांस का अटकना, दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ जैसा महसूस होना आदि की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का ये बड़ा कारण होता है। खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ को अगर गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से न लिया जाठतो वह जानलेवा à¤à¥€ हो सकते हैं। हाल ही में गायक और संगीतकार बपà¥à¤ªà¥€ लहरी की मौत का कारण à¤à¥€ यही था। वहीं, सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के शिकार लोग अकà¥à¤¸à¤° नींद से जागने पर सिरदरà¥à¤¦ और थकान महसूस करते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤•ागà¥à¤° होने या किसी चीज पर फोकस करने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है।
à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€- जब à¤à¥€ किसी को à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€ होगी तय है नींद अचà¥à¤›à¥€ नहीं आà¤à¤—ी। नींद में बेचैनी महसूस होना या बार-बार नींद का खà¥à¤²à¤¨à¤¾ इसकी वजह बन सकता है। à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€ इनà¥à¤¸à¥‹à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€ डिसॉरà¥à¤¡à¤° जैसी दिकà¥à¤•त को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। कई बार डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸, पैनिक डिसॉरà¥à¤¡à¤° और पोसà¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¥‰à¤®à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ डिसॉरà¥à¤¡à¤° नींद में खलल के कारण ही होता है। बाद में ये गंà¤à¥€à¤° मानसिक बीमारी में बदल सकता है।
पैरों में बेचैनी- कई लोगों में पैरों का दरà¥à¤¦ विशेषकर रात में हाेता है, वह à¤à¥€ तब जब वह सोने जाते हैं। सोते ही पैरों में फटन, दरà¥à¤¦, à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ आदि का अनà¥à¤à¤µ 'रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेगà¥à¤¸ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®' का लकà¥à¤·à¤£ होता है। कई बार सोना तक मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है. यह समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले मिडिल à¤à¤œ की महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती है। रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेग नरà¥à¤µ से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ होती है।
पसीना आना- सोते-सोते अचानक से शरीर कà¥à¤¯à¤¾ पसीने से लथपथ हो जाता है? पसीना आना नींद में à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ की ओर इशारा करता है। कई बार मीनोपॉज के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव की वजह से à¤à¤¸à¤¾ होता है लेकिन इसके पीछे कई और वजह à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं। à¤à¤‚टीडिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¨à¥à¤Ÿ, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ और पेनकिलरà¥à¤¸ की अधिकता के कारण à¤à¥€ रात में पसीना आता है। बता दें कि रात में पसीना आना कैंसर का à¤à¥€ à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ होता है।
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